रामायण- हिंदुओं का सबसे लोकप्रिय ग्रंथ

रामायण निस्संदेह सबसे लोकप्रिय और कालातीत भारतीय महाकाव्य है, जिसे सभी ने पढ़ा और पसंद किया है। रामायण का शाब्दिक अर्थ है “राम की यात्रा (अयन)” जो मानवीय मूल्यों की खोज में है और इसे आदि काव्य, या मूल महाकाव्य के रूप में जाना जाता है। रामायण की कहानी राम की, दानव राजा, रावण से अपनी पत्नी सीता को छुड़ाने की कहानी है। केवल आध्यात्मिक और धार्मिक रचना के रूप में ही नहीं बल्कि एक साहित्यिक कृति के रूप में भी रामायण विश्व-विख्यात है।
रामायण कथा की उत्पत्ति के ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और यह बहस का विषय हो सकता है, लेकिन आम तौर पर महान ऋषि वाल्मीकि को इस महाकाव्य के लेखक के रूप में जाना जाता है। वाल्मीकि रामायण के बारे में, स्वामी विवेकानंद ने कहा है: “कोई भी भाषा इतनी शुद्ध, इतनी सुंदर और इतनी सरल नहीं है, जितनी कि वह भाषा जिसमें प्रभु राम के जीवन का चित्रण किया गया है।”

कवि के बारे में
संस्कृत के प्रथम कवियों में से एक के रूप में प्रशंसित और स्वीकृत, ऋषि वाल्मीकि राम की कहानी के भावनात्मक और आध्यात्मिक दृष्टि की खोज और एक महाकाव्य के रूप में उसकी अभिव्यक्ति करने वाले पहले व्यक्ति थे। एक किंवदंती के अनुसार, वाल्मीकि एक डाकू थे। एक दिन उनकी मुलाक़ात एक साधु से हुई, जिसने उन्हें एक सदाचारी में बदल दिया। माना जाता है कि, ज्ञान की देवी, सरस्वती ने स्वयं रामायण की घटनाओं को महाकाव्य के दिव्य और मनोहर रूप में ढालने में बाल्मीकीजी की मदद की थी।

सात ‘कांड’ या खंड
महाकाव्य रामायण तुकांत दोहों (संस्कृत में जिन्हें श्लोक के नाम से जाना जाता है) के माध्यम से लिखी गयी है। इन छंदों को अलग-अलग अध्यायों में बांटा गया है, और प्रत्येक खंड में एक विशिष्ट घटना का वर्णन किया गया है।

रामायण के सात खंड हैं:
•बाल काण्ड- इसमें भगवान के लड़कपन का वर्णन है।
•अयोध्या कांड- राम के अयोध्या में जीवन के बारे में हम इस खंड से जानते हैं। निर्वासन तक के जीवन का मनोहर वर्णन इस खंड में किया गया है।
•अरण्य काण्ड- इस खंड में वन में राम का जीवन और रावण द्वारा सीता का अपहरण का विवरण मिलता है।
•किष्किन्धा काण्ड- राम का किष्किंधा, जो कि उनके वानर सहयोगी सुग्रीव की राजधानी थी, में ठहराव का वर्णन यहाँ मिलता है।
•सुंदर कांड- श्रीलंका के लिए राम की यात्रा के बारे में हम इस खंड से जान सकते हैं।
•युद्ध काण्ड या लंका काण्ड- रावण के साथ राम का युद्ध, सीता की वापसी, और अयोध्या लौटना – इन सारी घटनाओं का वर्णन इस खंड में मौजूद है।
•उत्तरा कांड- यह खंड अयोध्या में राजा के रूप में राम के जीवन, उनके दो पुत्रों के जन्म, माता सीता का धरती में विलुप्त होने और राम की जल समाधि लेने के बारे में बताता है।

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