वास्तु के आधार पर अपने घर के लिए सही रंगों का चयन कैसे करें

यह एक सिद्ध तथ्य है कि रंगों का इंसान पर काफी अधिक मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है। घर एक ऐसी जगह है जहाँ एक व्यक्ति अपने जीवन का बड़ा हिस्सा गुजारता है। चूंकि खास रंग लोगों में खास भावनाओं को उत्तेजित करता है, इसलिए किसी के घर में रंगों का एक उपयुक्त संतुलन होना ज़रूरी है।
प्रत्येक दिशा का अपना एक विशेष रंग होता है। इसलिए घर के प्रधान को रंगों के चयन करते समय इसका ध्यान रखना चाहिए। दिशा के अनुसार सही रंगों का चयन आप निम्न आधार पर कर सकते हैं:
•उत्तर-पूर्व दिशा – हल्का नीला
•पूर्व दिशा – सफेद या हल्का नीला
•दक्षिण-पूर्व दिशा – इस दिशा में नारंगी, गुलाबी और चांदी के रंगों का उपयोग किया जा सकता है
•उत्तर दिशा – हरा, पिस्ता हरा
•उत्तर-पश्चिम दिशा – यह क्षेत्र वायु से संबंधित है, इसलिए इस दिशा के लिए सफेद, हल्के भूरे और क्रीम सबसे अच्छे रंग हैं
•पश्चिम दिशा – यह पानी का स्थान है, इसलिए यहाँ के लिए नीला या सफेद रंग उपयुक्त हैं
•दक्षिण-पश्चिम दिशा – पीच, मिट्टी का रंग, बिस्किट का रंग या हल्का भूरा
•दक्षिण दिशा – लाल और पीला

काले और लाल रंगों का चुनाव करते समय घर के प्रधान को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि ये रंग हर व्यक्ति पर सूट नहीं करते हैं।

घर में रहने वाले लोगों को कमरे को रंगते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान भी रखना चाहिए:

मास्टर बेडरूम- आदर्श रूप से, मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए और इसलिए इसे नीले रंग से रंगना चाहिए।

ड्राइंग रूम- उत्तर-पश्चिम ड्राइंग रूम के लिए सबसे अच्छी जगह है और इस दिशा में मौजूद ड्राइंग रूम को सफेद रंग से रंगा जाना चाहिए।

बच्चों का कमरा- उत्तर-पश्चिम उन बच्चों के कमरे के लिए सबसे अच्छी दिशा है जो बड़े हो गए हैं और पढ़ाई के लिए बाहर जाने वाले हैं। चूंकि उत्तर-पश्चिम दिशा चंद्रमा द्वारा शासित है, इसलिए, इस दिशा के कमरे को सफेद रंग से रंगा जाना चाहिए।

रसोई – दक्षिण-पूर्व क्षेत्र रसोई के लिए आदर्श है और इसलिए, रसोई की दीवारों पर नारंगी या लाल रंग होना चाहिए।

बाथरूम- बाथरूम के लिए उत्तर-पश्चिम सबसे अच्छी जगह है और इसलिए, बाथरूम के लिए सफेद रंग उपयुक्त माना गया है।

घर का बाहरी रंग- घर का बाहरी रंग ऑफ-व्हाइट, हल्का पीला, हल्का बैंगनी या नारंगी हो सकता है। ये रंग सभी राशियों के लोगों को सूट करते हैं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि लाल, भूरा,ग्रे और काला जैसे गहरे रंग हर किसी को पसंद नहीं आते,क्योंकि वे कुछ उत्तेजित करने वाले ग्रहों जैसे राहु,शनि,मंगल और सूर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं; इसलिए इन रंगों से बचना चाहिए।

कुल बात यह है की रंगों का चुनाव काफी सोच-विचारकर और एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार करने से घर के वास्तु को संतुलित रखने में मदद करती है।

Share
Aaradhi

Recent Posts

धनतेरस पर न खरीदें ये 10 चीजें

धनतेरस खरीदारी का दिन है। आने वाली दिवाली के लिए और एक शुभ दिन होने के कारण, लोग इस दिन…

3 weeks ago

नरक चतुर्दशी – महत्व और अनुष्ठान

नरक चतुर्दशी - महत्व और अनुष्ठान दिवाली भारत में मनाए जाने वाले सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। रोशनी…

3 weeks ago

धनतेरस क्यों मनाया जाता है

धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है।  यह दिवाली के त्योहार का पहला दिन है। यह पर्व…

3 weeks ago

दिवाली मनाने के 15 तरीके

दिवाली उत्तर भारत के हिंदुओं के लिए साल के सबसे बड़े पर्वों में से है। रोशनी का यह त्योहार ढेर…

4 weeks ago

कैसे मनाया जाता है दशहरा

विजयदशमी, जिसको दशहरा भी कहा जाता है, हर साल नवरात्रि के अंत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार…

1 month ago

बंगाल की दुर्गा पूजा से संबन्धित कुछ अनूठी रिवाजें

बंगाल की दुर्गा पूजा पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस अवसर पर सुंदर मूर्तियों से सजे पंडालों में लाखों भक्तों…

1 month ago

This website uses cookies.