भगवान कृष्ण की 8 पत्नियां कौन थीं

भगवान कृष्ण की 16, 108 पत्नियां थीं, जिनमें से 8 प्रमुख थीं। इन आठ पत्नियों को  सामूहिक रूप से अष्टभार्या कहा जाता है। इन आठ पत्नियों के नाम इस प्रकार हैं:

रुक्मिणी – विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री

सत्यभामा – सत्यजीत की बेटी

जाम्बवती- जाम्बवन की पुत्री

कालिंदी – भगवान सूर्य और सरनू की बेटी

मित्रविन्दा – जयसेन की बेटी

नगनजिती – कोसल के राजा नग्नजीता की पुत्री

भद्रा – धृष्टकेतु और श्रुतकीर्ति की बेटी

लक्ष्मणा – मद्रा के राजा की पुत्री

भगवान कृष्ण की 8 पत्नियां कौन थीं

रुक्मिणी

रुक्मिणी भगवान कृष्ण की पहली पत्नी और देवी लक्ष्मी का सबसे सुंदर अवतार थीं। रुक्मिणी विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थीं। वे भगवान कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं, लेकिन उनके पिता और भाई कृष्ण के साथ उनके विवाह के खिलाफ थे। अंत में, उन्हें भागकर श्रीकृष्ण के साथ विवाह करना पड़ा।

सत्यभामा

देवी सत्यभामा को धरती माता का अवतार माना जाता है। सत्यभामा के पिता सतराजित के पास स्यमन्तक नाम की एक दिव्य मणि थी।  कृष्ण ने सतराजित से कहा कि वे स्यमन्तक को सुरक्षित रखने के लिए उसे राजा उग्रसेन के पास भेज दे। सतराजित के भाई प्रसेन मणि लेकर शिकार के लिए गए जहां शेर ने उन पर हमला किया और उन्हें मार डाला। इस बीच जाम्बवन (जो श्री राम के भक्त थे) ने मणि उठा ली और अपनी बेटी को खेलने के लिए दे दिया।

जब सतराजित ने अपने भाई की मृत्यु और लापता स्यमन्तक के बारे में सुना, तो उन्होंने कृष्ण पर मणि चोरी करने का आरोप लगा दिया। अपने ऊपर लगे आरोप से मुक्त होने के लिए  कृष्ण स्यमन्तक की तलाश में गए। मणि उन्हें जाम्बवनजी के पास मिली। अगले  28 दिनों तक मणि के लिए उन्होंने जाम्बवन से युद्ध किया। आखिरकार जब जाम्बवन ने कृष्ण को राम के अवतार के रूप में पहचाना तो आत्मसमर्पण कर दिया और अपनी बेटी से शादी करने की प्रार्थना की। इस प्रकार कृष्ण ने जाम्बवती से विवाह किया।

कृष्ण ने मणि को सतराजित को लौटा दिया। जब सतराजित को पूरी घटना के बारे में पता चला तब उन्होंने कृष्ण से माफी मांगी और अपनी बेटी सत्यभामा का हाथ श्रीकृष्ण को दे दिया।

जाम्बवती

जाम्बवनजी की पुत्री

यमुना नदी की देवी: कालिंदी

सूर्य देव की पुत्री, कालिंदी, ने भगवान कृष्ण से विवाह करने की इच्छा से कठिन तपस्या की। भगवान ने उनकी इच्छा पूरी की और उचित वैवाहिक समारोह के साथ शादी की।

नगनजिती

नगनजिती कोसल के राजा नग्नजीता की पुत्री थी। राजा नग्नजीता ने अपनी बेटी की शादी के लिए एक शानदार स्वयंवर का आयोजन किया। भगवान कृष्ण ने स्वयंवर की शर्त पूरी की, स्वयंवर को जीता और नगनजिती से शादी की।

मित्रविंदा

मित्रविंदा उज्जैन के राजाकुमारों- विंद और अनुविंद की बहन थी। वे भगवान कृष्ण को अपने पति के रूप में चुनना चाहती थीं, लेकिन विंद और अनुविंद ने अपनी बहन को ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। तब, भगवान कृष्ण ने स्वयंवर से त्रविंदा हरण कर उनसे शादी की।

भद्रा

भद्रा राजा धृष्टकेतु और उनकी पत्नी श्रुतकीर्ति की बेटी थी। उनके पाँच भाइयों ने भद्रा का विवाह भगवान कृष्ण से किया।

लक्ष्मणा

लक्ष्मणा भगवान कृष्ण की आंठवी पत्नी के रूप में जानी जाती हैं। वो सुंदर होने के साथ-साथ बहुत ही गुणवान भी थीं। वे मद्रा के राजा, बृहतसेना की पुत्री थीं।

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