फसलों के त्योहार

भारत एक कृषि-प्रधान देश है और यह त्योहारों की धरती के रूप में भी जाना जाता है। देश के 21 राज्यों में अलग-अलग समय पर फसल उत्सव मनाए जाते हैं। फसल की पहली उपज लोगों के लिए खुशी की बात होती है और वे इसे त्योहार के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।

नीचे देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाए जाने वाले ऐसे ही कुछ फसल उत्सवों की सूची है।

मकर संक्रांति

पूरे देश में मनाया जाने वाला, मकर संक्रांति भारत में सबसे पुराना और उत्तर भारत का सबसे लोकप्रिय फसल उत्सव है।

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह त्योहार एक प्रतिकूल चरण के अंत और एक पवित्र चरण की शुरुआत का प्रतीक है। देश के कई राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल और पंजाब में, लोग अलाव, गाने, नृत्य, पतंगबाजी और जुलूस आदि के साथ नई फसल का जश्न मनाते हैं। इस त्योहार के दौरान कुंभ मेला प्रमुख आकर्षणों में से एक है।

बैसाखी

पंजाब और हरियाणा के लोग अच्छी फसल के लिए भगवान को धन्यवाद देकर बैसाखी का त्योहार मनाते हैं। किसान इस उत्सव के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त करते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, गीत गाते हैं, और ढोल की मधुर धुनों पर नृत्य करते हैं। इस अवसर पर बैसाखी मेले भी आयोजित किए जाते हैं।

भोगली बिहू  

हर साल जनवरी में, पूरा असम राज्य भोगली बिहू मनाने में ज़बरदस्त उत्साह दिखाता है। उत्सव एक रात पहले उरुका-सामुदायिक दावत के साथ शुरू होता है। बिहू के दिन मिट्टी और घास से बने मंडप को जलाया जाता है। स्थानीय महिलाएं शानदार मुखला वस्त्र पहनती हैं और समूह गीतों और नृत्य में भाग लेती हैं।

गुड़ी पड़वा

गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का एक भव्य फसल उत्सव है जो नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। लोग अपने घरों के प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाते हैं और उन्हें फूलों और एक हस्तनिर्मित गुड़िया से सजाते हैं। लोग दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं, एक-दूसरे को शुभकामनायें  देते हैं, और महिलाएं पूरन पोली, श्रीखंड और सुन्थ पाक जैसी मिठाइयाँ पकाती हैं।

ओणम

ओणम त्योहार केरल का एक प्रसिद्ध फसल उत्सव है जिसे केरल के विभिन्न हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। महाबली के आगमन के साथ ही यह पर्व 10 दिनों तक मनाया जाता है। सफल फसल का आनंद लेने के लिए, मलयाली लोग अपने घर के प्रवेश द्वार को फूलों की रंगोली से सजाते हैं, नए पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, महिलाएं स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं, और पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ जश्न मनाते हैं।

 पोंगल

पोंगल मकर संक्रांति का दूसरा नाम है, जो तमिलनाडु के विभिन्न शहरों मकर संक्रांति के समय ही मनाया जाता है। लोग वर्ष की उपज के लिए प्रकृति मां के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह 4 दिनों तक मनाया जाता है।

पहला दिन भोगी महोत्सव भगवान इंद्र को समर्पित होता है, दूसरा दिन सूर्य भगवान को तीसरा दिन मवेशियों की पूजा के लिए होता है और चौथे दिन पोंगल (चावल) को हल्दी, पान और सुपारी के साथ चढ़ाया जाता है।

उगादि

उगादी आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के लोगों द्वारा मनया जाने वाला नव वर्ष का उत्सव है। फसल कटाई का यह त्योहार नए कार्य और उद्यम शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन, स्थानीय लोग तेल से स्नान करते हैं, पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, घरों को मिट्टी के दीयों और रंगोली से सजाते हैं और घर पर उगादि पूजा करते हैं।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *